Poetry Has A Sensitive Heart

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Poetry has a sensitive soul
A drive and impulse
Telling stories the way they are
Feelings of soberness
A heart felt word

Poetry has a sensitive heart
Beautifully immense
A heart of gold
Giving values to life
Adding years to life: Poetry is beautiful

Poetry has a sensitive soul
Like streams that meanders slow
Like a river glorious: It Flows
Poetry has a sensitive heart,
A beautiful soul; A flying Angel.

Poetry is the signal
that
The soul sends into the world
Like the river, it flows into the sea,
yet the sea never gets filled.

Poetry is the fluid for the soul,
The liquid for the yearning of the Mind
The one that quenches the fire
Feeding the deepest desires
Poetry is Gold in essence

Ovi Odiete©

इक अदाकार हूँ मैं!

इक अदाकार हूँ मैं!
मैं अदाकार हूँ ना
जीनी पड़ती है कई जिंदगियां एक हयाती में मुझे!
मेरा किरदार बदल जाता है , हर रोज ही सेट पर
मेरे हालात बदल जाते हैं
मेरा चेहरा भी बदल जाता है,
अफसाना-ओ-मंज़र के मुताबिक़
मेर आदात बदल जाती हैं.
और फिर दाग़ नहीं छूटते पहनी हुई पोशाकों के
खस्ता किरदारों का कुछ चूरा सा रह जाता है तह में
कोई नुकीला सा किरदार गुज़रता है रगों से
तो खराशों के निशाँ देर तलक रहते हैं दिल पर
ज़िन्दगी से ये उठाए हुए किरदार
खयाली भी नहीं हैं
कि उतर जाएँ वो पंखे की हवा से
स्याही रह जाती है सीने में,
अदीबों के लिखे जुमलों की
सीमीं परदे पे लिखी
साँस लेती हुई तहरीर नज़र आता हूँ
मैं अदाकार हूँ लेकिन
सिर्फ अदाकार नहीं
वक़्त की तस्वीर भी हूँ |

~ गुलज़ार

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I am an actor!

After all, I am an actor

I have to live several lives in one

Every day my character changes on the sets

My situation changes

Even my face does

To suit the story and scene

My habits as well

And then, the stains of the costumes I have worn don’t fade

The residue of some wounded character stays on in the folds

The jagged edges of another course through my veins

The marks remain etched for long on my heart

These characters picked up from life

Are not imagined:

The fan will not blow them away

The ink from the dialogues stay on in my heart

I appear to live the lines written for the screen.

I am an actor, and yet

I am not only an actor

I am also a snapshot of time!

Translated By: Pavan K. Varma

NS

ऐसा क्यूँ माँ ?

लाड़ो..
ऊँगली पकड़ के फिर से सिखा दे
गोदी उठा ले ना माँ
आँचल से मेरा मुंह पोंछ दे ना
मैला सा लागे जहां

आ इ ओ ओ टी ऐ..

आँखें दिखाए मुझे जब ज़िन्दगी
याद मुझे आती है तेरे गुस्से की
डांटा भी तो तूने मुझे फूलों की तरह
क्यूँ नहीं मां सारी दुनिया तेरी तरह

माथा गरम है, सुबह से मेरा
रख दे हथेली ना माँ
तूने कुछ खाया
देर से क्यूँ आई
कोई न पूछे यहाँ

आ इ ओ ओ टी ऐ..

हीरा कहा, कभी नगीना कहा
मुझे क्यूँ ऐसे पाला था मां
तेरी नज़र से मुझे देखे ना जहां
दुनिया को तो डांटेगी ना, डांटेगी ना माँ

तेरी नज़र से मुझे देखे ना जाहाँ
दुनिया को तो डांटेगी ना, डांटेगी ना माँ

मुझको शिक़ायत करनी है सबकी
मुझको सताते हैं मां
अब तू छुपा ले
पास बुला ले, मन है अकेला यहाँ

~ प्रसून जोशी

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